Toota hua dil... shayari ka sahara..

एक सिगरेट सी मिली तू मुझे ए
आशिक़ी,
कश एक पल का लगाया था..
लत उम्र भर
की लग गयी..

ज़िंदगी सुन, तू यहीं पे रुक।
हम ज़माना बदल कर आते हैं।।

  भूल'' जाने की जो ''हद'' होती है ना,
उस ''हद'' को छु रहे हो ''आप''

अरे ! कितना झुठ बोलते हो तुम...

खुश हो और कह रहे हो मोहब्बत भी की है..

और नया पुराने