क्या अजब दिलकश कहानी हो गई है
जिन्दगी कितनी सुहानी हो गई है
जबसे हमदोनो की धड़कन इक हुई है
हर गज़ल तबसे रूहानी हो गई है
खिल उठे है ख्वार भी फूलो की तरहा
हद्दे नज़रो तक जवानी हो गई है
मैंने सोचा था के मैं खामोश रह लू
जाने क्यों मुझसे बयानी हो गई है
खुद को थोडा भी कभी गमगीन न करना
सच में तू तेरी निशानी हो गई है
मेरे जज्बातो में अमोल बस उसीकी
देख कितनी मेहरबानी हो गई है
🌷अमोल🌷