250 ग्राम गोखरू कांटा (ये आपको पंसारी से मिल जायेगा) लेकर 4 लीटर पानी मे उबालिए जब पानी एक लीटर रह जाए तो पानी छानकर एक बोतल मे रख लीजिए और गोखरू कांटा फेंक दीजिए। इस काढे को सुबह शाम खाली पेट हल्का सा गुनगुना करके 100 ग्राम के करीब पीजिए। शाम को खाली पेट का मतलब है दोपहर के भोजन के 5, 6 घंटे के बाद। काढ़ा पीने के एक घंटे के बाद ही कुछ खाइए और अपनी पहले की दवाई ख़ान पान का रोटिन पूर्ववत ही रखिए।
15 दिन के अंदर यदि आपके अंदर अभूतपूर्व परिवर्तन हो जाए तो डॉक्टर की सलाह लेकर दवा बंद कर दीजिए।जैसे जैसे आपके अंदर सुधार होगा काढे की मात्रा कम कर सकते है या दो बार की बजाए एक बार भी कर सकते है।
सावधानिया और परहेज।
और ये काढ़ा सुबह शौच जाने के बाद पीना हैं। और काढ़े और नाश्ते के बीच में 1 से डेढ़ घंटे का अंतर रखना हैं। और नाश्ते में मैदे से बानी हुयी कोई भी वास्तु नहीं खानी जैसे बिस्कुट, नान खटाई, पाव, ब्रेड इत्यादि। और लंच में दाल करेला भिन्डी बैंगन टमाटर शिमला मिर्च पालक नहीं खाना। फ़ास्ट फ़ूड जंक फ़ूड कोल्ड ड्रिंक तली हुयी चीजे तो ज़हर के समान हैं। नमकीन चटपटी चाट वगैरह कुछ भी नहीं खाना। ठंडा पानी भी नहीं पीना।
कब तक आएगा आराम।
अगर इन सब बातो का ध्यान रखेंगे तो दो दिन के बाद आपका पेट साफ़ होगा और चार दिन बाद के बाद आपकी यूरिन की समस्या हल होनी शुरू हो जाएगी और 10 दिन बाद शरीर में नयी ऊर्जा का संचार होगा और 15 दिन में 30 से 50 % यूरिया क्रेटेनाईन कम होगा। और 3 से 4 महीने में नार्मल होंगे। इसलिए धैर्य बहुत ज़रूरी हैं। और अगर अभी भी आपको कुछ समझ नहीं आये तो आप ओम प्रकाश जी से उनकी फेसबुक की आई डी से संपर्क कर सकते हो या चेतन शेखावत जी से सम्पर्क कर सकते हो। दोनों की आई डी आपको नीचे दी जा रही हैं।
ये प्रयोग मैंने हज़ारो लोगो को बताया हैं और उनमे 90 % से ज़्यादा को आराम हुआ हैं। अगर आप भी ऊपर बताई गयी सावधानिया बरतेंगे तो आपको ज़रूर आराम आएगा।
मुझे उम्मीद हैं के आपका बढ़ा हुआ क्रेटेनाईन या डायलसिस जो चल रहा हैं, या किडनी ट्रांसप्लांट की नौबत तक इस से छूट सकती हैं।
और अगर आप भी ये प्रयोग करना चाहे तो निश्चिन्त हो कर करिये और अगर ऊपर लिखा हुआ समझ में ना आये या किसी प्रकार की शंका हो तो मुझसे मेरे फोन नंबर 8097236254 पर सिर्फ व्हाट्सप्प से भी सहायता मांग सकता है।