भारत में इस शहर में है चीन का बिजनेस हब, अकेले देता है 500 करोड़ का कारोबार

भारत में ये शहर है चीन का बिजनेस हब, अकेले देता है 500 करोड़ का कारोबार

जबलपुर। पाकिस्तानी सीमा में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक और सिंधु नदी का पानी रोकने की चर्चा के बीच चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी का पानी भारत आने से रोका, तो पूरे देश में चीन को लेकर आक्रोश फैल गया। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बारामुला घाटी में एक बार फिर आतंकी हमला सेना के कैंप पर रविवार रात हुआ। इसके बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। चाइनीज सामग्री का बहिष्कार करके जबलपुर शहर भी चीन की अर्थव्यवस्था को झटका दे सकता है। त्योहारी सीजन में शहर में बड़े पैमाने पर चीन की सामग्री बाजार में आ गई है।

एेसे में बाजार के सूत्र बताते हैं कि अपने शहर में ही पांच सौ करोड़ का कारोबार हो सकता है। यदि शहरवासियों ने चाइनीज आइटम का बहिष्कार कर दिया, तो यह चीन के लिए बड़ा झटका होगा। जानकारी के अनुसार चाइना के उत्पाद शहर की अधिकतर दुकानों में हैं। इनमें कपड़ा, कम्प्यूटर उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक एवं इलेक्ट्रिकल्स पाट्र्स, मोबाइल फोन एसेसरीज एवं क्रॉकरी शामिल हैं।
 
गुणवत्ता संदिग्ध चाइनीज सामग्री की गुणवत्ता नहीं होती। इसकी कोई गारंटी और वारंटी भी नहीं दी जाती। कई बार ग्राहक यह सामग्रीखरीदकर घाटे में आ जाते हैं। 
दीपावली पर सर्वाधिक बिक्री वैसे तो सालभर चीन में बनी वस्तुओं की बिक्री होती है, लेकिन दीपावली पर भारी इजाफा हो जाता है। होम एप्लाइंसेज, सजावटी वस्तुएं, लाइट, ज्वेलरी, कपड़ों का मार्केट ऊपर हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए चीनी कंपनियों ने अपना माल खपाने की तैयारी की है।
यहां कर रहे विरोध चीन की हरकत के बाद सोशल मीडिय़ा में भी विरोध के स्वर उग्र हो रहे हैं। लोग चाइना की सामग्री की खरीदारी नहीं करने का संकल्प ले रहे हैं। 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट चीन के उत्पाद भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला हैं। खुली अर्थव्यवस्था में चीन में उत्पादन लागत कम है, तो भारत में ज्यादा। इससे यहां के उद्योग-धंधे चौपट हो रहे हैं। इनसे बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी बढ़ रही है।-गोविंद यादव, प्रदेश अध्यक्ष, जेडीयू 
बाजार में चीनी वस्तुओं की आमद बनी हुई है। ग्राहक केवल इनके प्रति इसलिए आकर्षित होता है, क्योंकि यह सस्ती होती हैं। लेकिन, आगामी समय में इनका मार्केट कम हो सकता है। -अखिल मिश्र, बाजार विशेषज्ञ 
चीनी वस्तुओं गुणवत्ता बेहतर नहीं होती। लेकिन सस्ती हैं, इसलिए व्यापारी इन्हें रखता है। इसका सीधा लाभ चीनी अर्थव्यवस्था को मिलता है। दूसरी तरफ देश के छोटे उद्योग धंधे भी हतोत्साहित हो रहे हैं। -नीलकंठ पेंडसे, अर्थशास्त्री 
वस्तु कारोबार (करोड़) इलेक्ट्रॉनिक 30मोबाइल एसेसरीज 25टायर 08लाइट 08खिलौने 10फर्नीचर 15जूते-चप्पल 10इलेक्ट्रीकल्स 30इमीटेशन ज्वेलरी 32क्रॉकरी 40होम एप्लाइंसेज 30गिफ्ट आइटम 25सजावट 12कम्प्यूटर उत्पाद 75कपड़ा 80पाट्र्स 60

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