ओशोवाणी। सभी सयाने एकमत Oshovaani

ओशोवाणी।      सभी सयाने एकमत                  **********
शिक्षा का अर्थ
जीवन मिलता नहीं है,
निर्मित करना होता है।
जन्म मिलता है,
जीवन निर्मित करना होता है।
इसीलिए मनुष्य को शिक्षा की जरूरत है।
शिक्षा का एक ही अर्थ है
कि हम
जीवन की कला सीख सकें।
सुख आज है,
और अभी हो सकता है।
लेकिन सिर्फ उस व्यक्ति के लिए
हो सकता है,
जो भविष्य की आशा में नहीं,
वर्तमान की कला में जीने का रहस्य समझ लेता है।
तो मैं शिक्षित उसे कहता हूँ
जो आज जीने में
समर्थ है- अभी और यहीं।
लेकिन इस अर्थ में
तो शिक्षित आदमी बहुत कम रह जायेंगे।
असल में हम पंडित आदमी को शिक्षित
कहने की भूल कर लेते हैं।
जो पढ़-लिख लेता है,
उसे हम शिक्षित कह देते हैं !
पढ़ने-लिखने से शिक्षा का कोई संबंध नहीं है।
//सभी सयाने एकमत//

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