महाभारत यह देख अर्जुन प्रभु के आगे नतमस्तक हुए बिना नहीं रह सके। एक बार श्री कृष्ण और अर्जुन भ्रमण पर निकले तो उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राहमण को भिक्षा मागते …